गुरुग्राम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का थापली नेचर कैंप सफलतापूर्वक सम्पन्न, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
गुरुग्राम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय नेचर कैंप थापली में आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के निकट ले जाकर पर्यावरण, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों के महत्व तथा उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। तीन दिनों तक चले इस कैंप में विद्यार्थियों ने प्रकृति को बहुत करीब से देखा, समझा और उसके महत्व को आत्मसात किया।
कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने पहाड़ों, जंगलों, जल स्रोतों, वनस्पतियों तथा स्थानीय जीव-जंतुओं का अवलोकन किया। विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि किस प्रकार प्रकृति मानव जीवन का आधार है और वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण क्यों अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों ने प्राकृतिक वातावरण में रहकर अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व क्षमता तथा समूह भावना जैसे गुणों का भी विकास किया।
तीन दिनों तक विद्यार्थियों ने प्रातःकालीन प्रकृति भ्रमण, ट्रैकिंग, पर्यावरण संवाद तथा विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने यह अनुभव किया कि आधुनिक जीवनशैली में प्रकृति से दूरी बढ़ती जा रही है, जबकि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रकृति से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।
कैंप में विशेष रूप से युवा कल्याण समन्वयक नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए “देश प्रथम” की भावना पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि युवा अपने कर्तव्यों को समझते हुए समाज, पर्यावरण और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाएं, तो भारत को विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्रहित को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
नरेंद्र सिंह ने कहा कि “देश प्रथम” का अर्थ केवल देशभक्ति के नारे लगाना नहीं है, बल्कि अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी, अनुशासन, सेवा भावना, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सद्भाव को अपनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े, तो देश की हर चुनौती का समाधान संभव है। विद्यार्थियों ने उनके विचारों को गंभीरता से सुना और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
कैंप के दौरान गुरुग्राम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने MLA हॉस्टल का भी भ्रमण किया। इसी भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने वहां की व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा और समझा कि हमारे जन प्रतिनिधियों के लिए किस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं । यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।
विद्यार्थियों ने कहा कि इस तीन दिवसीय नेचर कैंप ने उन्हें पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर जीवन का व्यावहारिक ज्ञान दिया है। प्रकृति के बीच बिताए गए समय ने उन्हें मानसिक शांति, नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच प्रदान की। साथ ही राष्ट्रहित, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता के बारे में भी नई समझ विकसित हुई है।
विश्वविद्यालय से आए फैकल्टी मेंबर नवीन एवं विपिन ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए इस प्रकार के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रकृति आधारित कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कैंप के समापन अवसर पर सभी विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र सेवा और समाज कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने आयोजकों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शिविर उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहेगा।


