बाड़मेर के महाराजा त्रिभुवन सिंह का भव्य स्वागत, राजस्थानी परंपरा और वीरता की दिखी झलक
आज हार्मिलाप नगर स्थित पवन शर्मा के निवास स्थान पर बाड़मेर (राजस्थान) के महाराजा त्रिभुवन सिंह अपने साथी श्री रघुवीर सिंह के साथ पधारे। इस अवसर पर मेजबान पवन शर्मा एवं उनके परिवार सहित राजस्थान समाज के सदस्यों ने राजस्थानी परंपरा के अनुरूप पगड़ी एवं साफा पहनाकर उनका भव्य एवं गरिमामय स्वागत किया।
कार्यक्रम में सुरेश शेखावत, अमित सिंह, संजीत सिंह, निर्मल भाटी, रविन्द्र सिंह, महेंद्र चारण, प्रताप सिंह, हरि प्रसाद, सुरेंद्र शर्मा, रोहितास जांगड़ा, सुमेर मल, संजीव कुमार, पवन तिवारी, राजीव, एम.पी. शर्मा, लोकेंद्र सिंह, अशोक भोमिया एवं देवेंद्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर अतिथियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया और आपसी सौहार्द का परिचय दिया।
इस दौरान महाराजा त्रिभुवन सिंह ने अपने संबोधन में राजस्थान की वीरभूमि, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती वीरता, त्याग और सम्मान की प्रतीक रही है और ऐसे आयोजनों के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों का आपस में परिचय करवाते हुए मिले स्नेह और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपने लोगों के बीच आकर जो अपनापन महसूस होता है, वह अतुलनीय है और यही भावना समाज को एकजुट बनाए रखती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुटता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक सामाजिक मिलन का अवसर बना, बल्कि राजस्थान की समृद्ध परंपरा और संस्कृति की सुंदर झलक भी प्रस्तुत करता नजर आया।


