पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन राष्ट्रसेवा और वैचारिक शुचिता का अनुपम उदाहरण: भारत हितैषी
पंचकूला, 11 फरवरी।
हितैषी फाउंडेशन के चेयरमैन और सेक्टर 10 एजीवं नगर निगम वार्ड नंबर 4 निवासी भारत हितैषी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रसेवा, वैचारिक स्पष्टता और संगठनात्मक समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि गहन चिंतक, प्रखर दार्शनिक और भारतीय संस्कृति के सच्चे साधक थे।
भारत हितैषी ने अपने संदेश में कहा कि 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के नगला चंद्रभान गांव में जन्मे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया। बाल्यकाल में माता-पिता और बाद में अपने भाई एवं बहन के असामयिक निधन जैसे गहरे आघातों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और राष्ट्रकार्य को ही अपना ध्येय बनाया। वे प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे और अपनी प्रतिभा के बल पर अनेक सम्मान प्राप्त किए।
उन्होंने कहा कि पंडित जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से संगठनात्मक जीवन की शुरुआत की और बाद में भारतीय जनसंघ के निर्माण एवं विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर 1968 में उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक उनका योगदान संगठन को वैचारिक आधार देने में निर्णायक रहा। उनका ‘एकात्म मानववाद’ का दर्शन आज भी भारतीय राजनीति और नीति-निर्माण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में प्रासंगिक है।
भारत हितैषी ने कहा कि “अनेकता में एकता” की भावना को उन्होंने अपने चिंतन और आचरण दोनों में आत्मसात किया। उनका जीवन व्यक्तिगत शुचिता, सादगी और नैतिकता का प्रतीक था। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में यह स्थापित किया कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का पवित्र दायित्व है।
11 फरवरी 1968 को मुगलसराय रेलवे स्टेशन के निकट हुई उनकी आकस्मिक मृत्यु को स्मरण करते हुए भारत हितैषी ने कहा कि वह दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में अत्यंत दुःखद था। आज भी देशवासी उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेते हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य करें। हितैषी फाउंडेशन भी उनके ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर आयोजित समर्पण समारोह में भारत हितैषी, हितैषी फाउंडेशन के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर बी के गुप्ता, संरक्षक बी एम कौशिक, जी डी बत्रा, अरुण बंसल,परवीन गुगलानी, तिलक राज कपूर, राजिंदर कांत, सुनील गुप्ता, दिनेश सिंगला, अविनाश मेहता, सचिव स्वदेश कपूर, पार्क प्रधान ब्रिज लाल जैन, महासचिव ठाकुर मेहर सिंह, सुमन, साक्षी रोहिल्ला और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


